जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर की बड़ी चौपड़ पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बीजेपी के कार्यक्रम में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब वहां बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के मूल वंदे मातरम की जगह 1952 की फिल्म आनंद मठ में इस्तेमाल हुआ इसका फिल्मी वर्जन बजा दिया गया। कार्यक्रम में राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ और जयपुर शहर बीजेपी अध्यक्ष अमित गोयल भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के बाद जब इस गलती पर सवाल उठे तो मदन राठौड़ और अमित गोयल ने लोगों से माफी मांगी। मदन राठौड़ ने इसे तकनीकी गलती बताते हुए कहा कि कार्यक्रम में जो वंदे मातरम बजना चाहिए था, उसकी जगह दूसरा वर्जन बज गया। उन्होंने कहा कि गीत के बोल वही थे, लेकिन गलत वर्जन बजने के लिए पार्टी की ओर से माफी मांगी गई है।
मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे गंभीर चूक बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाती रही है, जबकि कांग्रेस लंबे समय से राष्ट्रगीत गाती रही है। जूली ने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम सही तरीके से बजाया गया, जबकि बीजेपी के कार्यक्रम में गलत वर्जन बजने के बाद भी उसे तुरंत नहीं रोका गया।
इस मामले में जयपुर नगर निगम ने कार्यक्रम के साउंड सिस्टम और माइक की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की है। नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल ने बताया कि एम/एस डीजे बीट को नोटिस जारी कर 15 अगस्त के कार्यक्रम का भुगतान रद्द कर दिया गया है। कंपनी को यह भी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।