जयपुर न्यूज डेस्क: आज के दौर में कंपनियां ऐसे युवाओं की तलाश करती हैं, जिन्हें सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री की जरूरतों और काम करने के तरीके की भी समझ हो। इसी दिशा में University of Engineering & Management (UEM), Jaipur ने अपनी अलग पहचान बनाई है। यूनिवर्सिटी का पाठ्यक्रम 600 से ज्यादा इंडस्ट्रियल ऑर्गनाइजेशन के साथ तालमेल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को डिग्री के साथ-साथ करियर के लिए जरूरी व्यावहारिक अनुभव देना है।
प्लेसमेंट पर खास फोकस
UEM जयपुर का इंडस्ट्री-केंद्रित मॉडल उसके प्लेसमेंट रिकॉर्ड में भी नजर आता है। यूनिवर्सिटी पूरे साल प्लेसमेंट सपोर्ट उपलब्ध कराने का दावा करती है, जो छात्रों को नौकरी मिलने तक जारी रहता है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, 100% छात्रों को कम से कम एक जॉब ऑफर, जबकि करीब 80% छात्रों को दो जॉब ऑफर मिलते हैं। यहां सबसे ज्यादा सैलरी पैकेज ₹72 लाख सालाना तक पहुंचा है, जबकि औसत पैकेज करीब ₹6 लाख सालाना बताया गया है।
कंपनियों के साथ मिलकर तैयार होता लर्निंग सिस्टम
यूनिवर्सिटी में इंडस्ट्री स्पॉन्सर्ड लैब्स भी छात्रों को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने में अहम भूमिका निभाती हैं। Kreeti Technologies और RAMS Creative जैसी कंपनियों ने कैंपस में डेडिकेटेड लैब्स स्थापित की हैं, जहां छात्रों को React JS, AR-VR और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में ट्रेनिंग मिलती है। यहां छात्रों को लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका भी मिलता है, जिससे पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री का अनुभव हासिल होता है। इसके अलावा IBM, SAS, Infosys Springboard और AWS जैसी कंपनियों के साथ सहयोग के जरिए साइबर सिक्योरिटी, नेटवर्किंग और रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन जैसी तकनीकों में स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन उपलब्ध कराया जाता है।
मेजर-माइनर सिस्टम और भविष्य की तकनीक पर जोर
UEM जयपुर छात्रों को Major & Minor डिग्री सिस्टम के जरिए एक से ज्यादा विषयों में पढ़ाई का विकल्प भी देता है। उदाहरण के तौर पर छात्र Computer Science में Major के साथ Mechanical Engineering में Minor कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, यह राजस्थान की एकमात्र ISO 27001:2022 सर्टिफाइड यूनिवर्सिटी है और Cambridge University के अप्रूव्ड Linguaskill Certification Center की सुविधा भी यहां उपलब्ध है। भविष्य की तकनीक को देखते हुए UEM जयपुर को 2026 में भारत की पहली 6G लैब स्थापित करने के लिए चुने जाने की बात कही गई है। कैंपस में हाई-एंड रिसर्च के लिए सुपर-कंप्यूटर लैब भी मौजूद है। यूनिवर्सिटी को Times Higher Education World University Rankings 2025 में जगह मिली है और ARIIA की ओर से 'Most Promising Institute of North India' के तौर पर मान्यता भी मिली है।