जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बाहरी इलाके चंदवाजी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां ताला मोड़ क्षेत्र में एक निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल (मिट्टी रोकने वाली दीवार) अचानक भरभराकर ढह गई। इस मलबे की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मलबे के नीचे दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एक बड़ा बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया गया।
हादसे की पुष्टि करते हुए जयपुर ग्रामीण के पुलिस उपायुक्त (DCP) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, "चंदवाजी थाना क्षेत्र के ताला मोड़ पर एक निर्माणाधीन दीवार ढहने से तीन लोगों की दुखद मौत हो गई है। मलबे से निकाले गए घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।" घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
इस भयानक हादसे में मृत और घायल हुए लोग वहां काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब दीवार गिरी तो वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। फिलहाल पुलिस और तकनीकी टीमें मौके पर मौजूद हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि निर्माणाधीन दीवार के गिरने का असली कारण क्या था—क्या इसमें खराब निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था या फिर सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही बरती गई थी।
जयपुर में पिछले कुछ हफ्तों के भीतर यह दूसरा बड़ा और जानलेवा हादसा है। इससे पहले जयपुर के ही खो नागोरियान इलाके में एक रिहायशी मकान के भीतर अवैध रूप से चल रही पटाखा निर्माण इकाई (फैक्ट्री) में भीषण आग लग गई थी। उस दर्दनाक अग्निकांड में भी कम से कम तीन लोगों की झुलसने से मौत हो गई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लगातार हो रहे इन हादसों ने शहर में निर्माण कार्यों और व्यावसायिक गतिविधियों में सुरक्षा ऑडिट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।