जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार को बाघ शिवाजी ने एक महिला कर्मचारी पर हमला कर दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पार्क के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई। मृतका की पहचान सुगना देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कुछ अन्य महिलाओं के साथ घास काटने के लिए एनक्लोजर नंबर 16 में गई थी।
जानकारी के मुताबिक, एनक्लोजर में करीब 6-7 महिलाएं घास काट रही थीं, तभी अचानक बाघ शिवाजी वहां पहुंच गया और सुगना देवी पर हमला कर दिया। बाघ को देखकर बाकी महिलाएं जान बचाने के लिए भागीं। कुछ महिलाएं बाड़ पर चढ़ गईं, जबकि कुछ ने पास के पेड़ों पर चढ़कर खुद को बचाया। इसी दौरान बाघ ने सुगना देवी को पकड़ लिया और हमला कर उनकी जान ले ली।
स्थानीय लोगों के अनुसार, महिलाएं मंगलवार को घास काटने के लिए एनक्लोजर में गई थीं और बुधवार सुबह दोबारा घास लेने पहुंची थीं। इसी दौरान कर्मचारी हंसा ने एनक्लोजर खोल दिया। बताया जा रहा है कि उसे अंदर महिलाओं के मौजूद होने की जानकारी नहीं थी। इलाके में मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण वन विभाग के अधिकारियों से तुरंत संपर्क भी नहीं हो सका। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, बाघ को ट्रैंक्विलाइज कर काबू में लिया और सुगना देवी का शव बाहर निकाला। पेड़ों और बाड़ पर फंसी महिलाओं को भी सुरक्षित नीचे उतारा गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताया और लापरवाही की जांच की मांग की। डीसीएफ आशीष व्यास, पुलिस अधिकारी पीयूष और स्थानीय विधायक प्रशांत शर्मा ने ग्रामीणों से बातचीत की। डीसीएफ ने भरोसा दिया कि लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर जल्द कार्रवाई होगी। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग भी रखी। उनका कहना है कि सुगना देवी परिवार की मुख्य कमाने वाली थीं, जबकि उनके पति बिजली के करंट से झुलसने के बाद गंभीर हालत से उबर रहे हैं। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिलाने और महिला के बच्चों में से किसी को संविदा पर जू-केयरटेकर की नौकरी देने का प्रस्ताव सरकार के सामने रखने की बात कही है। मुआवजे को लेकर वन विभाग, पुलिस और विधायक के बीच बातचीत जारी है।