जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मंगलवार को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए चार नई पहल की शुरुआत की। इनमें *राजस्थान लैंग्वेज मॉडल ट्रेनिंग हैकाथॉन, **स्मार्ट राजस्थान ऑटोमेटेड सिटिजन सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म, **राजस्थान इनोवेशन चैलेंज* और *ई-मित्र व्हाट्सऐप सर्विस* शामिल हैं। दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया गया।
नई ई-मित्र व्हाट्सऐप सेवा के जरिए अब राजस्थान के नागरिक केवल *94610-62705* पर "Hi" भेजकर 27 सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिजली और पानी के बिल का भुगतान करने के साथ-साथ ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्र समेत कई जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन भी किया जा सकेगा। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों या ई-मित्र केंद्रों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की जनधन, आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी डिजिटल पहल ने सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल के जरिए हर महीने 2.5 से 3 लाख शिकायतों का निर्धारित समय में निस्तारण किया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार ने हाल ही में *राजस्थान AI-ML नीति 2026* लागू की है, जिसके तहत शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की *AVGC एवं XR नीति* और *AI एवं क्वांटम कंप्यूटिंग मिशन* युवाओं के लिए एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 79 हजार से अधिक ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से 900 से ज्यादा सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हुई राउंड टेबल बैठक में उन्होंने निवेशकों को शोध, नवाचार, रोजगार और भविष्य की तकनीकों में साझेदारी के लिए आमंत्रित करते हुए राजस्थान को एआई और डेटा सेंटर का प्रमुख केंद्र बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।