जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों के बीच रोड सेफ्टी फंड के इस्तेमाल को लेकर CAG की ऑडिट रिपोर्ट ने बड़ा सवाल खड़ा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024-25 तक राज्य के रोड सेफ्टी फंड में 716.37 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, लेकिन इसमें से सिर्फ 343.36 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए। यानी 373.01 करोड़ रुपये अब भी बिना इस्तेमाल के पड़े रहे।
यह रकम सड़क सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी कामों के लिए थी। इसमें इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक निगरानी उपकरण, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे, स्पीड डिटेक्शन कैमरे, ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक, ट्रैफिक पार्क और ट्रॉमा सेंटरों के लिए जरूरी उपकरण शामिल थे। CAG ने पाया कि फंड उपलब्ध होने के बावजूद कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं।
ऑडिट रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब राजस्थान में लगातार गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं। कई बड़े हादसों के बाद पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से जरूरी सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए फंड की कमी का हवाला दिया गया था। ऐसे में बड़ी रकम उपलब्ध होने के बावजूद उसका पूरा इस्तेमाल नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
CAG ने रोड सेफ्टी फंड की राशि के कम इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स में देरी को गंभीरता से रेखांकित किया है। हादसों को रोकने के लिए आधुनिक ट्रैफिक निगरानी और सड़क सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना जरूरी है, लेकिन फंड उपलब्ध होने के बाद भी योजनाओं का लंबित रहना चिंता बढ़ाने वाला है।