जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े एक कथित फंडिंग नेटवर्क का खुलासा करते हुए महाराष्ट्र के औरंगाबाद निवासी रफीक चांद शेख को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर आईएसआई की ओर से जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक धनराशि पहुंचाने का आरोप है। मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पड़ताल की जा रही है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जनवरी में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज एक मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस के पद पर कार्यरत सुमित कुमार को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पर भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारी कथित तौर पर आईएसआई हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है। जांच के दौरान सामने आया कि इन दोनों को कथित तौर पर आईएसआई की ओर से भेजी गई रकम रफीक चांद शेख के माध्यम से मिली थी।
पूछताछ में रफीक ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह पिछले करीब चार वर्षों से सोशल मीडिया के जरिए आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम पर भी कई बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों तक धनराशि पहुंचाने के लिए किया जाता था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने उसे 30 जून को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां इस कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए किन-किन लोगों तक धनराशि पहुंचाई गई। राजस्थान पुलिस ने कहा है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।