जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को 100 से अधिक छात्रों ने खराब व्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी के विरोध में स्कूल के मुख्य गेट पर धरना दिया। प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब एक कक्षा की छत का प्लास्टर टूटकर एक छात्र पर गिर गया। इस घटना के बाद छात्रों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और कक्षाओं का बहिष्कार कर कार्रवाई की मांग की।
मूक-बधिर छात्रों ने सांकेतिक भाषा, पोस्टर और लिखित संदेशों के जरिए अपनी समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाईं। उनका आरोप है कि छात्रावास में पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता, सफाई व्यवस्था बेहद खराब है और शौचालयों की हालत भी बदहाल है। छात्रों ने यह भी दावा किया कि माता-पिता से फोन पर बात करने और अस्पताल ले जाने के लिए भी उनसे पैसे वसूले जाते हैं।
छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में भारतीय सांकेतिक भाषा जानने वाले शिक्षकों की कमी है। कई शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं में नहीं आते और कुछ पढ़ाने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं। छात्राओं ने एक पुरुष कर्मचारी पर उत्पीड़न का भी आरोप लगाया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी स्कूल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की। गहलोत ने राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचे। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी आशा गुप्ता ने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्कूल के प्राचार्य भरत जोशी को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है।