जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। उदयपुर में वाकल नदी उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया, जबकि सीकर के फतेहपुर में मुख्य बाजार में करीब आधा फीट तक पानी भर गया। भरतपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के पास करीब 15 फीट लंबा हिस्सा ढह गया।
जयपुर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, अलवर, भरतपुर, चूरू, चित्तौड़गढ़, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जयपुर में लगातार दूसरे दिन बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
सिरोही जिले के चंद्रावती गांव में सोमवार रात तेज बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया। हादसे में 66 वर्षीय चीनाराम की मलबे में दबने से मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, मकान आबादी से दूर होने के कारण उनका शव पूरी रात मलबे में दबा रहा। वहीं, चित्तौड़गढ़ के राशमी क्षेत्र में तेज बारिश से रोशनेश्वर महादेव वाटिका की हाल ही में बनी दीवार भी गिर गई।
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन अब गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में बदल गया है। साथ ही राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से पर चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी सक्रिय हो रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से राज्य में 2 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। वहीं, 29 जुलाई से अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश बढ़ने की संभावना है। दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।