जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में कई दिनों से कमजोर पड़े मानसून के अब दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल राज्य में सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है और खासकर पश्चिमी राजस्थान के कई जिले अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब परिसंचरण तंत्र में बदल गया है, जबकि मानसून ट्रफ अमृतसर, करनाल और रांची से होकर गुजर रही है। अगले दो-तीन दिन तक पूर्वी राजस्थान में मानसून कमजोर रह सकता है, लेकिन 20-21 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 22-23 जुलाई से कोटा, जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। वहीं 22 से 28 जुलाई के बीच पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मानसून के सक्रिय होने के आसार हैं। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश को देखते हुए जयपुर मौसम केंद्र ने भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, जयपुर, सीकर और झुंझुनूं जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि तेज बारिश शुरू होने तक जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करते रहें, क्योंकि आने वाले दिनों की बारिश से मिट्टी में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को फायदा मिलेगा। वहीं तापमान की बात करें तो श्रीगंगानगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अजमेर में 36.5 डिग्री, वनस्थली में 38.3 डिग्री और पिलानी में 39.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।