जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा हुआ है, जिससे अधिकांश जिलों में गर्मी और उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को प्रदेश के 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। विभाग का अनुमान है कि 21 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय हो सकता है, जिसके बाद राज्य के 20 से अधिक जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। इस मानसून सीजन में अब तक राजस्थान में सामान्य से करीब 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, सिरोही, उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, बारां और झालावाड़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटे में कोटा, डूंगरपुर और अलवर में बारिश दर्ज की गई। डूंगरपुर में 12.5 मिमी और कोटा में 16.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि अलवर में शुक्रवार शाम हुई बारिश से लोगों को उमस से राहत मिली। हालांकि राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन-चार दिन तक कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 21 जुलाई से मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं 23 से 26 जुलाई के बीच बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी दिख रहा है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चूरू में 41.1 डिग्री और बीकानेर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। गर्म हवाओं और नमी के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा।
राजधानी जयपुर में पिछले करीब 12 दिनों से बारिश नहीं हुई है। शुक्रवार को यहां अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री और न्यूनतम 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सीकर, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर में भी गर्मी और उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने अजमेर में अगले 24 घंटे के दौरान हल्की बारिश की संभावना जताई है।
मानसून की सुस्ती का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर भी पड़ा है। किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यदि 21 जुलाई से बनने वाला नया मानसूनी सिस्टम मजबूत रहा तो राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी, जिससे खेती और जलाशयों दोनों को राहत मिलेगी।