जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में मानसून के सक्रिय होते ही बारिश का दौर तेज हो गया है। बुधवार सुबह अलवर में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर के कई बाजारों की सड़कों पर दो फीट से अधिक पानी भर गया, जबकि जिला अस्पताल परिसर भी जलमग्न हो गया। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अलवर के पास तूलेड़ा स्थित सरकारी स्कूल में भी बारिश का पानी घुस गया। वहीं, भरतपुर जिले के नदबई में सुबह करीब 5 बजे से लगातार बारिश हो रही है, जिससे रेलवे स्टेशन रोड समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बयाना के इमलिया कुंड और शेरगढ़ गांव की पहाड़ियों पर झरने बहने लगे हैं, जिससे क्षेत्र का नजारा पूरी तरह बदल गया है।
इससे पहले मंगलवार को डूंगरपुर, अजमेर, बांसवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और नागौर समेत कई जिलों में 1 से 3 इंच तक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बुधवार को दो जिलों को छोड़कर पूरे राजस्थान के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन 8 जुलाई से कमजोर पड़ सकता है और 11 जुलाई के बाद प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों में डूंगरपुर जिले के वेंजा में सबसे अधिक 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा ओबरी में 51 मिमी, धम्बोला में 34 मिमी, देवल में 32 मिमी और अलवर के नीमराणा में 52 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर, अजमेर और बांसवाड़ा में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।