जयपुर न्यूज डेस्क: खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम (CST) ने अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। बुधवार देर रात शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में 10 से अधिक गोदामों और फैक्ट्रियों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए गए, जबकि एक गोदाम को सील कर दिया गया।
जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में एक लाइसेंसधारी गोदाम में निर्धारित सीमा से कहीं अधिक विस्फोटक सामग्री पाई गई। गोदाम के पास 600 किलो भंडारण का लाइसेंस था, लेकिन जांच में 1,000 किलो से अधिक बारूद और पटाखे 300 से ज्यादा कार्टनों में मिले। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन कराने के बाद गोदाम को सील कर दिया। बताया गया कि यह गोदाम दीपक खंडेलवाल द्वारा किराए पर लिया गया था, जिनकी जयपुर में भारतीय पटाखा शॉप नाम से दुकान संचालित होती है।
इसी अभियान के दौरान सुमेल रोड पर दो अन्य गोदाम और एक कारखाना भी जांच के दायरे में आए। वहीं चेनपुरा और हीरावाला क्षेत्र में आवासीय इलाकों के बीच संचालित कई अवैध पटाखा गोदामों का भी पता चला। पुलिस ने स्थानीय थानों के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोदाम संचालकों की पहचान और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई गोदाम शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों के बेहद नजदीक संचालित किए जा रहे थे।
खोनागोरियान हादसे में आठ लोगों की मौत के बाद पुलिस ने डोर-टू-डोर सर्वे और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लंबे समय से अवैध गोदाम और फैक्ट्रियां संचालित होने से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब सीएसटी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और अवैध विस्फोटक कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।