जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं को सुबह 4 बजे मंगला झांकी से दर्शन शुरू होंगे और रात 10:30 बजे तक अलग-अलग झांकियों के जरिए ठाकुरजी के दर्शन हो सकेंगे। इसके बाद आधी रात को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, तिथि पूजा और पंचामृत अभिषेक होगा। जन्म के समय 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी भी की जाएगी।
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मंदिर में प्रवेश केवल जलेब चौक की तरफ बांदरवाल गेट से निर्धारित रास्ते से होगा। श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं, जबकि दर्शन के बाद निकासी जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से होगी। प्रशासन के मुताबिक, प्रवेश से लेकर दर्शन के बाद बाहर निकलने तक श्रद्धालुओं को करीब 5 से 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है।
जन्माष्टमी पर चारदीवारी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहेगा, इसलिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मेट्रो और दूसरे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की है। निजी वाहनों से आने वालों के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक पुलिस की क्यूआर कोड सुविधा से पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी भी मिलेगी। सुरक्षा के लिए 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, करीब 3 हजार स्वयंसेवक और 150 स्काउट तैनात रहेंगे।
रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के बाद पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसके लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद तैयार रखा गया है। मंदिर परिसर में सीसीटीवी, एआई कैमरे और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से निगरानी होगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले यात्रा और पार्किंग की योजना बना लें और भीड़ को देखते हुए निर्धारित मार्गों का ही इस्तेमाल करें।