जयपुर न्यूज डेस्क: *जयपुर की एक महिला के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के शीर्ष नेतृत्व से कथित संपर्क के मामले ने जांच एजेंसियों को कई सवालों के बीच खड़ा कर दिया है।* जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के बाहरी इलाके में रहने वाली एक सामान्य महिला कथित तौर पर देश के सबसे वांछित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में कैसे पहुंची। इस मामले में राजस्थान एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) महिला की गतिविधियों और उसके ऑनलाइन संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
जयपुर के टोंक रोड स्थित एक नव विकसित आवासीय कॉलोनी में रहने वाली *38 वर्षीय बबीता धाकड़* को पड़ोसी बेहद शांत स्वभाव की महिला बताते हैं। उनका कहना है कि वह बहुत कम घर से बाहर निकलती थी और उसके व्यवहार में कभी कुछ असामान्य नहीं दिखा। हालांकि, जांच एजेंसियों के अनुसार उसकी कथित ऑनलाइन गतिविधियां और देर रात होने वाली बातचीत परिवार और आसपास के लोगों की नजरों से पूरी तरह छिपी रहीं।
जांच में सामने आया है कि बबीता धाकड़ के परिजनों को भी इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि वह कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन के लोगों से संपर्क में थी। इन्हीं ऑनलाइन बातचीत के आधार पर जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल शुरू की, जिसके बाद महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई।
राजस्थान एटीएस ने *22 जून* को बबीता धाकड़ को *गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA)* के तहत गिरफ्तार किया था। फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके कथित संपर्कों का उद्देश्य क्या था, वह किन लोगों के संपर्क में थी और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।