जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में पारंपरिक फिक्स्ड टाइमर वाले ट्रैफिक सिग्नलों की जगह अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (AI-ITMS) लगाया जाएगा। रामबाग सर्किल पर 39 दिन तक चले सफल ट्रायल के बाद जयपुर पुलिस ने इस सिस्टम को शहर के 423 में से 253 प्रमुख चौराहों पर लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह एआई सिस्टम स्मार्ट कैमरों की मदद से हर समय वाहनों की संख्या और ट्रैफिक की लंबाई का विश्लेषण करता है। जिस सड़क पर ज्यादा ट्रैफिक होता है, वहां ग्रीन सिग्नल का समय अपने आप बढ़ा देता है, जबकि कम ट्रैफिक वाली सड़क पर समय घटा देता है। इससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ट्रैफिक का संचालन आसान हो जाता है और जाम कम लगता है।
3 जून से 11 जुलाई 2026 तक रामबाग सर्किल पर हुए ट्रायल के दौरान एआई सिस्टम ने बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 4.88 लाख से अधिक वाहनों का संचालन किया। इस दौरान प्रत्येक लेन में चालकों का औसतन 8 से 45 सेकेंड तक का समय बचा। ट्रैफिक सुचारु होने से 39 दिनों में करीब 2,535 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन भी कम हुआ।
यह सिस्टम केवल ट्रैफिक सिग्नल ही नियंत्रित नहीं करेगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रखेगा। प्रत्येक कैमरा प्रतिदिन करीब 4,200 वाहनों की निगरानी कर सकता है और लगभग 450 ट्रैफिक उल्लंघनों की पहचान करने में सक्षम है। ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप, गलत दिशा में वाहन चलाना और लेन उल्लंघन जैसे मामलों का स्वतः पता लगाया जाएगा। साथ ही नंबर प्लेट स्कैन कर लंबित चालान वाले वाहनों की जानकारी भी कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी।
अगले चरण में शहर के कई चौराहों को आपस में जोड़ा जाएगा, ताकि पूरे रूट पर ट्रैफिक का समन्वित संचालन हो सके। भविष्य में इस सिस्टम के जरिए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और वीआईपी काफिलों को स्वतः ग्रीन कॉरिडोर भी उपलब्ध कराया जाएगा।