जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के एक निजी स्कूल में नौ वर्षीय छात्रा की कथित आत्महत्या के करीब आठ महीने बाद उसके माता-पिता ने कक्षा का नया सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। परिवार का दावा है कि वीडियो में बच्ची को सहपाठियों द्वारा लगातार परेशान किए जाते हुए देखा जा सकता है, जबकि कई बार मदद मांगने के बावजूद शिक्षिका ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
कक्षा 4 की छात्रा ने 1 नवंबर 2025 को कथित तौर पर स्कूल की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मां का आरोप है कि एक सहपाठी करीब एक घंटे तक उसे परेशान करता रहा। उन्होंने दावा किया कि बच्ची पांच बार हाथ जोड़कर अपनी क्लास टीचर के पास गई और खुद को निर्दोष बताते हुए मदद की गुहार लगाई, लेकिन शिक्षिका ने कोई कार्रवाई नहीं की।
परिवार का कहना है कि घटना से एक दिन पहले बच्ची खुश थी और उसने हैलोवीन भी मनाया था, लेकिन कक्षा के अंदर वह मानसिक रूप से बेहद परेशान नजर आ रही थी। मां के मुताबिक, बच्ची बार-बार अपने माथे पर हाथ रख रही थी, जो उसके तनाव और दर्द को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षिका ने न सिर्फ उसकी मदद नहीं की, बल्कि वह भी कथित तौर पर बुलिंग का हिस्सा बन गईं।
इस बीच, मामले में दाखिल चार्जशीट के कुछ हफ्तों बाद सामने आए इस फुटेज ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले सीबीएसई की जांच समिति ने भी पाया था कि बच्ची के माता-पिता की ओर से करीब 18 महीनों तक की गई बुलिंग की शिकायतों को स्कूल ने नजरअंदाज किया। समिति ने यह भी कहा था कि बच्ची के परेशान दिखने के बावजूद उसे स्कूल काउंसलर के पास नहीं भेजा गया। वहीं, अभिभावक संगठन संयुक्त अभिभावक संघ ने स्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति, योग्यता और नियमों के पालन को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।