जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर नगर निगम (JMC) ने शहर में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। निगम ने साफ किया है कि 30 सितंबर तक अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले मालिकों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए दो महीने का समय दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य जयपुर को रेबीज मुक्त बनाना, पालतू जानवरों के स्वास्थ्य की निगरानी करना और शहर में सभी पालतू पशुओं का एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार करना है। इसके तहत प्रत्येक पालतू जानवर के टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखे जाएंगे।
नगर निगम 2 अगस्त को फ्रेंडशिप डे के अवसर पर शहर का सबसे बड़ा पेट कार्निवल भी आयोजित करेगा। यहां पालतू जानवरों का ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन, मुफ्त एंटी-रेबीज टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और पेट एडॉप्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
नए नियमों के अनुसार, हर पालतू कुत्ते और बिल्ली को तीन महीने की उम्र में पहला एंटी-रेबीज टीका लगवाना अनिवार्य होगा। इसके बाद हर साल टीकाकरण कराना होगा। यही जानकारी नगर निगम के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड का हिस्सा बनेगी।
नगर निगम ने पालतू जानवरों की दुकानें, डॉग और कैट ब्रीडर्स तथा केनेल संचालकों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं। अब किसी भी पालतू जानवर की बिक्री या नए मालिक को सौंपने से पहले उसका नगर निगम में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित संस्थानों को हर तीन महीने में खरीदे और बेचे गए जानवरों का रिकॉर्ड निगम को देना होगा।
रजिस्ट्रेशन शुल्क 1,000 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) और वार्षिक नवीनीकरण शुल्क 500 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) तय किया गया है। वहीं, 30 सितंबर के बाद बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अन्य नियमों के उल्लंघन पर 2,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।