जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए बच निकलना अब आसान नहीं होगा। शहर में राजस्थान का पहला रियल-टाइम ट्रैफिक अवेयरनेस स्क्रीन सिस्टम शुरू किया गया है, जो वाहनों के लंबित चालान, एक्सपायर्ड इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) और अन्य दस्तावेजी खामियों की तुरंत पहचान करेगा। इस पहल को जयपुर ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया है।
पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत रामबाग सर्किल से की गई है और इसे धीरे-धीरे जेएलएन मार्ग, टोंक रोड समेत शहर के अन्य प्रमुख मार्गों तक विस्तारित किया जाएगा। सिस्टम में लगाए गए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन कर राष्ट्रीय परिवहन डाटाबेस से उनका मिलान करते हैं। इसके बाद वाहन से जुड़े लंबित चालान और जरूरी दस्तावेजों की वैधता की जांच की जाती है।
यदि किसी वाहन में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो करीब 12 सेकंड के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर चौराहे पर लगे बड़े एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। इससे वाहन चालक तुरंत अपनी गलती या लंबित दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, संबंधित जानकारी अगले चेकपॉइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी भेजी जाती है, जिससे वे वाहन को रोककर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
इस प्रणाली की खास बात यह है कि यह सिर्फ नियम तोड़ने वालों को चिन्हित नहीं करती, बल्कि नियमों का पालन करने वाले चालकों को भी सकारात्मक संदेशों के जरिए प्रोत्साहित करती है। पूरे नेटवर्क की निगरानी अजमेरी गेट स्थित कंट्रोल रूम से की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीक आधारित यह पहल जयपुर में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बेहतर पालन की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।