जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के परकोटा इलाके में बड़ी चौपड़ के पास पुरोहित जी का कटला के मनिहारी बाजार में गुरुवार सुबह करीब 7 बजे भीषण आग लग गई। यह इलाका यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र का हिस्सा है और आग की जगह हवा महल से करीब 100 मीटर दूर बताई गई है। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात रही कि उस समय बाजार में ज्यादा भीड़ नहीं थी और कोई जनहानि नहीं हुई।
इस घटना ने बाजार में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम की हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब साढ़े तीन साल पहले नगर निगम ने यहां करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया था, लेकिन व्यापारियों के मुताबिक इसका नियमित इस्तेमाल और मॉक ड्रिल नहीं हुई। आग के बाद मौके पर पहुंचे सिविल डिफेंस और दमकलकर्मियों को कई सिस्टम बंद और काम नहीं करते मिले। दमकलकर्मियों के अनुसार हाइड्रेंट जाम और सूखे थे, उनमें पानी नहीं था। बाजार की संकरी और पुरानी गलियों में दमकल की गाड़ियां अंदर नहीं जा सकीं, इसलिए बाहर से पाइप बिछाकर पानी पहुंचाना पड़ा।
आग की वजह फिलहाल पुलिस जांच का विषय है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है। आग में कई दुकानें और करोड़ों रुपये का सामान जलने की बात सामने आई है। दुकानदार राजीव कुमार जैन ने बताया कि उनकी पांच दुकानें हैं और वह हर साल लाखों रुपये टैक्स देते हैं। उनका दावा है कि कारोबारियों की ओर से निगम को करीब 40 लाख रुपये दिए जाते हैं, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि उनकी करीब 2.5 करोड़ रुपये की कीमत का सामान आग में नष्ट हो गया। मौके के निरीक्षण में जंग लगे और बंद हाइड्रेंट, उलझी हुई पाइप और हाइड्रेंट पर रखे कपड़े-बैग भी मिले।
पुरोहित जी का कटला व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमल किशोर पिटलिया ने कहा कि व्यापारी लंबे समय से नगर निगम के सामने फायर सेफ्टी व्यवस्था का मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन इस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी बाजार पहुंचकर व्यापारियों से मुलाकात की और फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की मांग की। उन्होंने निगम से जुड़े सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही पर कार्रवाई की बात कही। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने बाद में खराब हाइड्रेंट और पाइपलाइन को ठीक करने की बात कही है।