जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में रविवार देर रात हुई करीब दो इंच मूसलाधार बारिश ने शहर की सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। मानसरोवर, गोपालपुरा बाइपास और अन्य इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें धंस गईं। कहीं 10 फीट गहरे गड्ढे बन गए तो कहीं सड़क का करीब 20 फीट चौड़ा हिस्सा जमीन में समा गया। हादसों की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में बैरिकेडिंग कर यातायात डायवर्ट किया और मरम्मत कार्य शुरू कराया।
मानसरोवर में शिप्रापथ से गुर्जर की थड़ी और शांतिनगर को जोड़ने वाले मार्ग पर द्रव्यवती नदी के किनारे दो स्थानों पर सड़क धंस गई। वहीं, गोपालपुरा बाइपास पर गंगा-जमुना पेट्रोल पंप के सामने सड़क धंसने से वहां खड़ी एक इनोवा कार गड्ढे में जा गिरी। सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची तथा क्रेन की मदद से कार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रिद्धि-सिद्धि चौराहे के पास भी ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जहां मरम्मत का काम जारी है।
तेज बारिश का असर शहर के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला। स्टेच्यू सर्किल के पास एक पेड़ सड़क पर गिरने से सोमवार सुबह यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में नगर निगम की टीम ने हटाकर रास्ता साफ कराया। मौसम विभाग के अनुसार, मौजमाबाद में सबसे अधिक 82 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सांगानेर में 69 मिमी, जोबनेर में 58 मिमी, फागी में 54 मिमी और जेएलएन मार्ग पर 44.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इससे पहले 3 जुलाई को लालकोठी स्थित टोंक रोड पर भी सड़क धंसने की घटना सामने आई थी। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के अधिकारियों के मुताबिक, सीवरेज और गैस लाइन बिछाने के दौरान तकनीकी मानकों के अनुरूप भराव नहीं होने से बारिश का पानी नीचे रिस गया, जिससे मिट्टी कमजोर हुई और सड़क धंस गई। प्रशासन अब प्रभावित स्थानों की तकनीकी जांच के साथ स्थायी मरम्मत की तैयारी में जुटा है।