जयपुर न्यूज डेस्क: सावन के पहले दिन राजस्थान में मौसम ने करवट ली और कई जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर, चूरू, सवाई माधोपुर समेत कई शहरों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई।
जयपुर के चौमूं में तेज बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि चूरू के सरदारशहर के बाजारों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं सवाई माधोपुर के रणथंभौर क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते झरने बहने लगे, जिससे प्राकृतिक नजारे देखने लायक हो गए।
मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन सिस्टम के प्रभाव से 2 अगस्त तक राजस्थान के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पिछले 24 घंटों में प्रतापगढ़ में सबसे अधिक 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दौसा के बांदीकुई में 36 मिमी, बैजूपाड़ा में 23 मिमी, अलवर के टहला में 20 मिमी और मालाखेड़ा में 15 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारां, भीलवाड़ा, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, कोटा, टोंक और सवाई माधोपुर के कई इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पूर्वी भारत के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। यह सिस्टम फिलहाल उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और आसपास के छत्तीसगढ़ क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है और अगले 24 घंटों में पश्चिम की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान में अगले 5 से 6 दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
इस बीच, नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में 350 वर्ष पुरानी 'आषाढ़ी तौल' परंपरा के आधार पर इस वर्ष सामान्य से अधिक बारिश होने का संकेत मिलने का दावा भी किया गया है।
हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और उमस का असर अभी भी बना हुआ है। बुधवार को श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बीकानेर में पारा 39.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।