जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। सोमवार को झालावाड़, कोटा और बूंदी में तेज बारिश हुई। झालावाड़ के सुनेल में सबसे ज्यादा 300 MM यानी 12 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। भारी बारिश के बाद कालीसिंध नदी और कोटा के नोनेरा-ऐबरा बांध के गेट खोलने पड़े। वहीं बूंदी में बारिश के तेज बहाव में गाड़ियां बह गईं।
झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र के झीकनी गांव स्थित सरकारी स्कूल में बारिश का पानी घुस गया। स्कूल में मौजूद 30 से ज्यादा छात्रों को स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। जिले का कालीखाड़ डैम भी तेज बारिश के बाद ओवरफ्लो हो गया। डैम से करीब 6 इंच की चादर चल रही है।
भारी बारिश को देखते हुए झालावाड़ कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार, 11 अगस्त को जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
रामगंजमंडी में साढ़े तीन घंटे में 3 इंच बारिश
कोटा के रामगंजमंडी में करीब साढ़े तीन घंटे में 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई। तेज बारिश के बाद दरा-झिली झिलारा मार्ग पर पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि भैंसें भी बह गईं।
वहीं रामगंजमंडी और मंडाना इलाके में हुई बारिश के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की दरा टनल में भी पानी भर गया। बताया जा रहा है कि बरसाती पानी की निकासी के लिए टनल के आसपास बनाए गए टैंकों में पानी का फ्लो ज्यादा हो गया, जिसके कारण पानी टनल में पहुंच गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
झालावाड़ में 12 इंच बारिश
प्रदेश में सोमवार को सबसे ज्यादा बारिश झालावाड़ के सुनेल में 300 MM दर्ज की गई। इसके अलावा बाकनी में 270 MM, पिरावा में 262 MM, रायपुर में 220 MM, मनोहरथाना में 101 MM, झालावाड़ शहर में 88 MM, अकलेरा में 78 MM और गंगधार में 71 MM बारिश रिकॉर्ड हुई।
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश से तापमान में गिरावट
राजस्थान में बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला। नागौर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और प्रतापगढ़ में अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि झुंझुनूं, अलवर और चूरू समेत कुछ शहरों में तापमान बढ़ा।
बाड़मेर में सबसे ज्यादा 39.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जैसलमेर में 38.3, चूरू में 35, जालोर में 34.7, दौसा में 35, झुंझुनूं में 33.8, जोधपुर में 33.7 और बीकानेर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
इन मौसमी सिस्टम से बदला मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ क्षेत्र में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है, जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मानसून ट्रफ लाइन भी अब अपनी सामान्य स्थिति में लौट आई है।
वर्तमान में ट्रफ बीकानेर, ग्वालियर, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बने लो-प्रेशर सिस्टम से होते हुए पुरी और फिर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है।
इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 10 और 11 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान में कई जगह मध्यम से तेज बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी, जबकि 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में भी बारिश का दौर कमजोर पड़ने की संभावना है।