जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों में इस बार युवा चेहरों का असर साफ दिखाई दिया। दिल्ली में हुए जेन जी के प्रदर्शन के बाद देशभर में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर चर्चा तेज हुई थी। अब राजस्थान के निकाय चुनाव में भी कम उम्र के उम्मीदवारों की जीत ने सबका ध्यान खींचा है। जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 71 से कांग्रेस के 21 वर्षीय फाईज हसन ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड नंबर 72 से 22 वर्षीय सुमन भाटी विजयी रहीं।
अलवर के थानागाजी नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 से भाजपा की 21 वर्षीय नेहा ने भी चुनाव जीत लिया। नेहा पहले अलग-अलग संस्थानों में पत्रकार के तौर पर काम कर चुकी हैं। उनके चुनाव प्रचार में किरोड़ी लाल मीणा भी शामिल हुए थे। नेहा के मुताबिक, उन्होंने प्रचार के दौरान जनता के बीच बड़े मुद्दों के बजाय इलाके से जुड़े स्थानीय कामों और समस्याओं को प्राथमिकता दी। उनकी इसी सोच पर मतदाताओं ने भरोसा जताया।
निकाय चुनाव में जेन जी की भागीदारी भी खास चर्चा में रही। जयपुर और अलवर के साथ जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर जैसे शहरों में युवा मतदाता बड़ी संख्या में वोट डालने पहुंचे। मतदान के दिन कई जगह युवा वोटरों की कतारें देखने को मिलीं। वहीं, अलवर, जयपुर, खैरथल-कोटपुतली और भरतपुर समेत कई इलाकों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत हासिल की। इन नतीजों ने इस बार के निकाय चुनाव को पिछले चुनावों से अलग बना दिया।
भीलवाड़ा में भी एक युवा निर्दलीय उम्मीदवार ने सबका ध्यान खींचा। वार्ड नंबर 6 से सानिया खानम ने भाजपा की ममता पंचोली को हराकर जीत दर्ज की। नजीर मोहम्मद की पोती सानिया चुनाव प्रचार के दौरान अपने ‘जेन जी प्रोटेस्ट’ वाले बयान को लेकर चर्चा में आई थीं। जीत के बाद वह भीलवाड़ा जिले की सबसे कम उम्र की पार्षद बन गई हैं। राजस्थान के अलग-अलग निकायों में युवा उम्मीदवारों की जीत से अब स्थानीय राजनीति में जेन जी की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।