जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल परीक्षा केंद्र पर मंगलवार को उस समय भारी हंगामा और अराजकता की स्थिति पैदा हो गई, जब आरपीएमसी (RPMC) परीक्षा के दौरान छात्रों ने कुछ परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र देरी से बांटने का गंभीर आरोप लगाया। परीक्षा केंद्र के भीतर शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि उग्र हुए छात्रों ने केंद्र परिसर में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे पूरे कैंपस में अफरा-तफरी मच गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों और पोस्ट के अनुसार, परीक्षा केंद्र के ग्राउंड फ्लोर (भूतल) पर बैठे अभ्यर्थियों को तो प्रश्न पत्र समय पर मिल गए थे और उन्होंने अपनी परीक्षा लिखनी शुरू कर दी थी। लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर मौजूद दर्जनों छात्रों का दावा है कि परीक्षा स्टाफ से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें काफी देर तक प्रश्न पत्र नहीं दिए गए और उन्हें इंतजार कराया गया। प्रश्न पत्र वितरण में हुई इस बड़ी देरी को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने 'पेपर लीक' की आशंकाओं और कयासों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया, जिससे छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।
इस कथित भेदभाव और देरी के कारण परीक्षा केंद्र के अंदर ही छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि पूरी वितरण प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं अपनाई गई और कुछ छात्रों को जानबूझकर फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि छात्रों को भीषण गर्मी के बीच टेंट के नीचे बिठाकर परीक्षा दिलाई जा रही थी। छात्रों ने इस पूरी घटना को आरपीएमसी परीक्षा के दौरान हुई "सैकड़ों अनियमितताओं" का एक हिस्सा बताया।
जैसे-जैसे परीक्षा केंद्र के भीतर तनाव बढ़ता गया, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा केंद्र के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ शुरू कर दी, खिड़कियों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया, जिसके चलते परीक्षा परिसर पूरी तरह से रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को दखल देना पड़ा। फिलहाल परीक्षा अधिकारियों की ओर से पेपर लीक के दावों और प्रबंधन की कमियों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।