जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। दोनों दलों ने एक-दूसरे के प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने की घोषणा की, जिससे शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। किसी भी टकराव को रोकने के लिए पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की और कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की।
भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) मुख्यालय की ओर मार्च निकाला। पार्टी ने आरोप लगाया कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। आगे बढ़ने की कोशिश और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।
इसके जवाब में कांग्रेस ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास समेत कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और दिल्ली में राहुल गांधी व छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की।
पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस कमिश्नरेट के पास रोक दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पुलिस कार्रवाई में घायल हुए कुछ कार्यकर्ताओं को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। दोनों दलों के प्रदर्शनों के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात भी प्रभावित रहा।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से रोकने के विशेष इंतजाम किए। पार्टी कार्यालयों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया, बैरिकेडिंग की गई और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी रखी गई।