जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के विद्याधर नगर में घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस कार्रवाई को "दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय" बताया।
अशोक गहलोत ने कहा कि घुमंतू समाज देश और प्रदेश के सबसे कमजोर एवं वंचित वर्गों में शामिल है। उनका आरोप है कि अपनी 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जबकि सरकार को उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं का समाधान बातचीत से निकलता है, बल प्रयोग से नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने समय रहते प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित नहीं किया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई। उनके अनुसार, यदि पहले ही वार्ता की जाती तो टकराव की नौबत नहीं आती।
गहलोत ने सरकार के खुफिया तंत्र और प्रशासनिक तैयारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महापंचायत और प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को पहले से थी, इसके बावजूद हालात संभालने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। इस बयान के बाद कांग्रेस और विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे राजस्थान की राजनीति में इस मामले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।