जयपुर न्यूज डेस्क: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को जयपुर की वॉल्ड सिटी की बदहाल स्थिति को लेकर राजस्थान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के पुराने हिस्से में सफाई, सड़क, सीवर और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की हालत खराब है। ओवैसी ने कहा कि यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल जयपुर की पुरानी बस्ती में प्रवेश करते समय उन्हें जगह-जगह कचरा, टूटी सड़कें और गड्ढे दिखाई दिए।
ओवैसी ने सीएजी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि राजस्थान में शहरी कचरे का सिर्फ 11 से 25 फीसदी हिस्सा ही प्रोसेस हो रहा है। उन्होंने नगर निकायों को मिले और खर्च नहीं किए गए फंड के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उनका दावा है कि हजारों स्कूल भवनों और कक्षाओं में दोबारा निर्माण या बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत है। अजमेर में हाल ही में स्कूल की दीवार गिरने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
एआईएमआईएम प्रमुख ने महिलाओं की सुरक्षा और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश में दर्ज रेप के मामलों का मुद्दा उठाया और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कथित कमी पर चिंता जताई। ओवैसी ने सरकार के निवेश संबंधी दावों पर भी सवाल किया और पूछा कि जिन परियोजनाओं के लिए एमओयू किए गए हैं, उनमें से वास्तव में कितने प्रोजेक्ट शुरू हुए और उनसे कितनी नौकरियां पैदा हुईं।
ओवैसी ने जयपुर की वॉल्ड सिटी के विकास और संरक्षण के लिए घोषित 100 करोड़ रुपये के इस्तेमाल का हिसाब भी मांगा। उन्होंने कहा कि जयपुर के लोग कोई लग्जरी सुविधाएं नहीं मांग रहे हैं, बल्कि उन्हें अच्छी सड़कें, सीवर, ड्रेनेज और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर ठोस काम करने और जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।