जयपुर न्यूज डेस्क: हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक दिव्यांग दंपती की चोरी हुई ट्रॉली बैग को रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी अकोला और दमरे की टीम ने कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया। इस कार्रवाई में एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने करीब 5,100 रुपये का सामान और पीड़ितों के बेहद अहम मूल दस्तावेज भी सुरक्षित वापस दिला दिए।
जानकारी के मुताबिक, 25 जुलाई को 17079 हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस वाशीम स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक सलीम खान और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार गश्त पर थे। उन्होंने एक व्यक्ति को हरे रंग की ट्रॉली बैग लेकर संदिग्ध हालत में जल्दबाजी में उतरते देखा। पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
आरोपी ने अपनी पहचान संदीप बबन वानखड़े (35), निवासी वाशीम के रूप में बताई। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से चलती ट्रेनों में चोरी और जेबतराशी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। उसने यह भी बताया कि इस वारदात में जलगांव निवासी फारूक नाम का उसका साथी भी शामिल था, जिसकी तलाश जारी है।
पीड़िता शीतल पटेल (31), निवासी धमनोद, जिला धार (मध्य प्रदेश) अपने पति विजय पटेल के साथ हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस से यात्रा कर रही थीं। अकोला और वाशीम के बीच तड़के उनकी ट्रॉली बैग चोरी हो गई। अकोला स्टेशन के पास पहुंचने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई।
बैग में शैक्षणिक और नौकरी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, कॉस्मेटिक सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं रखी थीं। पीड़िता के पति डीआरडीओ में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं, इसलिए दस्तावेजों का सुरक्षित मिलना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था।
इस मामले में जीआरपी अकोला ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 305(C) के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।