जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय जमीन धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर, असली जमीन मालिकों की जगह हमशक्ल लोगों को रजिस्ट्रार के सामने पेश कर करोड़ों रुपये की जमीन बेच देता था। मामले का मास्टरमाइंड मुनेश कुमार मीणा भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डीसीपी (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि गिरोह फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), नकली गवाह और फर्जी पहचान के जरिए जमीन का मालिकाना हक अपने नाम करवाकर उसे अनजान खरीदारों को बेच देता था। शुरुआती जांच में इस गिरोह द्वारा करीब 1.6 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुनेश कुमार मीणा, अशोक मीणा, आशा बैरवा, गौरव मीणा और सूरज कुमार के रूप में हुई है। यह मामला सुनील खंडेलवाल की शिकायत पर दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी अनीता खंडेलवाल ने जगतपुरा के तिलावाला स्थित एयरपोर्ट एन्क्लेव योजना में दो प्लॉट कानूनी रूप से खरीदे थे। लेकिन बाद में एक अन्य व्यक्ति ने खुद को मालिक बताते हुए वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और फर्जी बिक्री दस्तावेज तैयार किए। आशा बैरवा ने कथित तौर पर अनीता खंडेलवाल बनकर फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जबकि दूसरे प्लॉट के लिए एक अन्य व्यक्ति ने सुनील खंडेलवाल की पहचान का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार, गौरव मीणा ने फर्जी गवाह बनकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और रजिस्ट्रेशन के दौरान फोटो भी खिंचवाई।
पुलिस का कहना है कि गिरोह महंगे प्लॉटों को निशाना बनाता था। फर्जी दस्तावेजों और कई बार मालिकाना हक बदलने के बाद जमीन को असली खरीदारों को बेच दिया जाता था। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।