जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के प्रताप नगर इलाके में चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। प्रॉपर्टी हड़पने की नीयत से रची गई इस साजिश के फरार मास्टरमाइंड और मृतका के भतीजे रवि प्रकाश उर्फ बलराम (28) को पुलिस ने शुक्रवार को सांगानेर के सीताबाड़ी इलाके से धर-दबोचा। आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह जोधपुर में छिपकर फरारी काट रहा था।
इस सनसनीखेज मामले से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
एक्सीडेंट को बताया गया था हत्या का षड्यंत्र: प्रताप नगर थाना इलाके में 3 जुलाई को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से टक्कर मारकर नीरज शर्मा की हत्या कर दी गई थी, जिसे पहले सड़क हादसा माना जा रहा था। लेकिन 4 जुलाई को जांच में खुलासा हुआ कि यह एक सोची-समझी हत्या थी, जिसके बाद मास्टरमाइंड रवि प्रकाश फरार हो गया था।
बेटी और जेठ समेत कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार: पुलिस इस मामले में पहले ही मृतका की बेटी आयुषी, जेठ मोहन स्वरूप और सुपारी किलर हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा व रोहित जाटव को गिरफ्तार कर चुकी है।
जोधपुर में काट रहा था फरारी: पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए रवि प्रकाश जोधपुर भाग गया था। वह अपना मोबाइल बंद रखता था, दोस्तों के मोबाइल और बाइक का इस्तेमाल करता था तथा लंबी यात्राओं के लिए ट्रेन का सहारा लेता था।
वकीलों से मिलने जयपुर आया था आरोपी: जेल में बंद अपने पिता और अन्य साथियों को जमानत पर छुड़वाने के लिए रवि प्रकाश शुक्रवार तड़के जोधपुर के बिलाड़ा से ट्रेन से जयपुर पहुंचा था। पुलिस के हेड कांस्टेबल दयाराम को जैसे ही उसके सांगानेर आने की सूचना मिली, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।
प्रॉपर्टी के लालच में ली थी चाची की जान: आरोपी रवि प्रकाश ने पूछताछ में कबूला कि उसने चाचा की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए मृतका की बेटी आयुषी के साथ मिलकर पिछले तीन महीने से साजिश रची थी और हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश की थी।