जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां जालूपुरा थाना क्षेत्र के एक सरकारी कर्मचारी को ठगों ने बेटे के नाम पर डराकर 1.70 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और दावा किया कि विदेश में पढ़ाई कर रहा उनका बेटा एक गंभीर रेप केस में फंस गया है। इस पूरी साजिश में ठगों ने पीड़ित को इतना डरा दिया कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 2 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे कर्मचारी के व्हाट्सऐप पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले की डीपी में पुलिस अधिकारी की वर्दी वाली तस्वीर लगी थी। सामने वाले ने खुद को पुलिस अफसर बताते हुए कहा कि उनके बेटे को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद ठगों ने विदेशी कानून और सजा का डर दिखाया। इतना ही नहीं, बेटे के रोने और उसके साथ मारपीट की आवाजें भी सुनाईं, जिससे पिता को लगा कि उनका बेटा सच में मुश्किल में है।
ठगों ने पीड़ित को कॉल काटने और किसी दूसरे व्यक्ति या अपने बेटे से सीधे संपर्क करने से भी मना किया। बेटे को केस से बाहर निकालने और एफआईआर से नाम हटाने के बदले 1.70 लाख रुपए मांगे गए। बेटे को बचाने की घबराहट में पिता ने रिश्तेदारों और परिचितों से पैसे उधार लिए और ठगों के बताए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। पैसे मिलने के बाद ठगों ने बेटे को जल्द छोड़ने की बात कहकर कॉल काट दिया।
इसके बाद जब पिता ने सीधे अपने बेटे से बात की तो पूरी सच्चाई सामने आ गई। तब उन्हें पता चला कि बेटा किसी केस में गिरफ्तार नहीं हुआ था और वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। जालूपुरा थानाधिकारी बृजेश सिंह के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर रविवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस बैंक खातों की जानकारी और टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।