जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRO) ने नौ विदेशी महिलाओं को उनके देशों में वापस भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार, ये सभी महिलाएं वीजा की अवधि समाप्त होने के बावजूद जयपुर में रह रही थीं। इनमें से अधिकांश शहर के विभिन्न स्पा और वेलनेस सेंटरों में काम कर रही थीं।
जांच में सामने आया कि सभी महिलाएं पर्यटन या अल्पकालिक वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद भी उन्होंने देश नहीं छोड़ा। सत्यापन के बाद उन्हें हिरासत में लेकर उनके संबंधित देशों में डिपोर्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमिग्रेशन नियमों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
एफआरआरओ के मुताबिक, डिपोर्ट की गई महिलाओं में थाईलैंड की पांच, जबकि युगांडा, तंजानिया, नाइजीरिया और लाओस की एक-एक महिला शामिल है। अधिकांश महिलाएं जयपुर के पॉश इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों में थेरेपिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं। यह कार्रवाई खुफिया सूचना और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर की गई।
कार्रवाई के दौरान एफआरआरओ की टीमों ने शहर के कई स्पा सेंटरों पर अचानक निरीक्षण किया और वहां मौजूद विदेशी कर्मचारियों के पासपोर्ट व वीजा दस्तावेजों की जांच की। इसी दौरान कई महिलाओं के वीजा की अवधि समाप्त होने का पता चला, जिसके बाद उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
एफआरओ धर्मेंद्र सागर ने मकान मालिकों, होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे संचालकों से अपील की कि वे किसी भी विदेशी नागरिक को ठहराने से पहले उसका मूल पासपोर्ट और वीजा अवश्य जांचें। साथ ही, इमिग्रेशन विभाग के पोर्टल पर अनिवार्य सी-फॉर्म (C-Form) भरकर सभी जानकारी समय पर अपलोड करें।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई होटल, मकान मालिक या आवास संचालक बिना सी-फॉर्म जमा किए किसी विदेशी नागरिक को ठहराता है या एक्सपायर्ड वीजा वाले व्यक्ति को रहने देता है, तो उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।