जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम (ईस्ट) के निजी सहायक (पीए) मुकेश कुमार को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के अनुसार, एक ठेकेदार का बिल लंबे समय से कलेक्ट्रेट में लंबित था। आरोप है कि बिल पास कराने और फाइल आगे बढ़ाने के बदले पीए मुकेश कुमार ने 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। परेशान होकर परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी से की।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत परिवादी ने केमिकल लगे नोट आरोपी को दिए। जैसे ही उसने पैसे लिए, मौके पर मौजूद एसीबी अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के हाथ धुलवाए गए तो घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई।
एसीबी अब आरोपी की चल-अचल संपत्ति और आय से अधिक संपत्ति के पहलुओं की भी जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं है। आरोपी के ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
बताया गया कि यह पूरी कार्रवाई एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में और एएसपी सुनील सिहाग के नेतृत्व में की गई। जयपुर कलेक्ट्रेट में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।