जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के झोटवाड़ा में स्कूल की लापरवाही के आरोपों के बीच 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र प्रिंस की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह लंच के दौरान स्कूल कैंटीन से पैटीज खाने के बाद वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। आरोप है कि उसकी हालत बिगड़ने के बावजूद स्कूल स्टाफ ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय करीब आधे घंटे तक परिजनों के पहुंचने का इंतजार किया।
प्रिंस के चाचा अनुराग सोनी के मुताबिक, सुबह करीब 11 बजे प्रिंस ने कैंटीन से पैटीज खरीदी थी। उनका आरोप है कि पैटीज खराब और ज्यादा ऑयली थी, जो खाते समय उसके गले में फंस गई। इसके बाद प्रिंस की हालत बिगड़ने लगी, मुंह से झाग निकलने लगे और होंठ नीले पड़ गए। शिक्षकों ने कथित तौर पर उसकी पीठ थपथपाई और उसे बेंच पर लिटा दिया, लेकिन अस्पताल नहीं ले गए।
परिजनों का कहना है कि स्कूल से करीब 100 मीटर की दूरी पर अस्पताल होने के बावजूद स्टाफ लगातार उन्हें फोन कर स्कूल आने के लिए कहता रहा। सूचना मिलने पर परिवार के लोग पहुंचे और प्रिंस को नजदीकी निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मणिपाल अस्पताल रेफर किया, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया।
छात्र की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर विरोध किया और कांटा चौराहा स्थित स्कूल परिसर में नारेबाजी की। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर स्कूल की ओर से समय पर प्राथमिक उपचार और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाती तो प्रिंस की जान बच सकती थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।