जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (Phase-2) के लिए रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान मेट्रो रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMRCL) जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वर्क ऑर्डर जारी करने की तैयारी कर रहा है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब जमीनी स्तर पर काम शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
परियोजना के पहले पैकेज के तहत प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक के 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए सबसे पहले वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों के लिए भी आने वाले दिनों में तेजी से टेंडर जारी करने की योजना है। यह नया कॉरिडोर उत्तर-दक्षिण (North-South) संपर्क को मजबूत करेगा और शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की 'मेट्रो रेल पॉलिसी 2017' के तहत लागू किया जा रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार परियोजना में 50% की हिस्सेदारी (इक्विटी सपोर्ट) देगी। केंद्र और राज्य की 50:50 की इस साझेदारी से राजस्थान सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा, जिससे अन्य विकास कार्यों के लिए बजट प्रबंधन में आसानी होगी।
अधिकारियों के मुताबिक, जयपुर मेट्रो के इस विस्तार कार्य को साल 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लगभग 13,037 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना न केवल जयपुर के औद्योगिक क्षेत्रों जैसे सीतापुरा और वीकेआई (VKIA) को जोड़ेगी, बल्कि एयरपोर्ट तक भी यात्रियों की पहुंच आसान बनाएगी। यह कदम जयपुर को एक आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।