जयपुर न्यूज डेस्क: भारत में बढ़ती गर्मी के बीच एयर कंडीशनर अब जरूरत बन गए हैं, लेकिन जयपुर जैसे शहरों में, जहां तपती छतें कमरों को भट्टी बना देती हैं, वहां एसी चलाने का मतलब है भारी-भरकम बिजली बिल। जयपुर के प्रतीक तिवारी ने इस समस्या का एक बेहद सरल और प्राकृतिक समाधान खोज निकाला, जिसने न केवल उनके घर को ठंडा किया बल्कि उन्हें शुद्ध भोजन भी दिया।
प्रतीक ने अपने घर की छत पर ऑर्गेनिक फार्मिंग (जैविक खेती) शुरू की। उन्होंने महसूस किया कि छत पर उगी वनस्पतियां प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम की तरह काम करती हैं। पौधों की परत ने सूरज की सीधी गर्मी को सोख लिया, जिससे नीचे के कमरों का तापमान काफी गिर गया और एसी पर निर्भरता कम हो गई। इस व्यक्तिगत प्रयोग की सफलता ने उन्हें अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर 'लिविंग ग्रीन्स ऑर्गेनिक्स' (Living Greens Organics) शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
उनकी कंपनी ने एक पोर्टेबल रूफटॉप फार्मिंग सिस्टम विकसित किया है, जिसे बिना किसी निर्माण कार्य या तोड़-फोड़ के आसानी से छत पर लगाया जा सकता है। इस सेटअप में लीक-प्रूफ कंटेनर, ड्रिप इरिगेशन और ड्रेनेज सिस्टम शामिल है। यह तकनीक छतों को नुकसान पहुँचाए बिना उन्हें हरे-भरे खेतों में बदल देती है, जिससे घर ठंडे रहते हैं और परिवारों को घर की उगी ताजी, कीटनाशक मुक्त सब्जियां मिलती हैं।
आज 25 से ज्यादा शहरों के 4,000 से अधिक परिवार इस तकनीक का लाभ उठा रहे हैं। प्रतीक का मानना है कि असली समस्या सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि हमारी खाली पड़ी छतें हैं। उनके इस प्रयास ने साबित कर दिया है कि कभी-कभी सबसे कठिन समस्याओं का समाधान हमारे सिर के ठीक ऊपर, हमारी छतों पर ही छिपा होता है।