जयपुर न्यूज डेस्क: जिंदल स्टील इंडियन ओपन पोलो चैंपियनशिप का फाइनल इस बार खेल से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा। मैच के दौरान ही दिल्ली रेस क्लब और इंडियन पोलो एसोसिएशन (IPA) को जयपुर पोलो ग्राउंड और दिल्ली रेस कोर्स खाली करने के नोटिस का मुद्दा छाया रहा, जिससे पूरे पोलो समुदाय में चिंता का माहौल बन गया।
शहरी विकास मंत्रालय के तहत आने वाले लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) ने दोनों संस्थाओं को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर परिसर खाली करने को कहा है। इस फैसले ने खिलाड़ियों और खेल से जुड़े लोगों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।
मैच के बाद इंडियन पोलो एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नवीन जिंदल ने इस मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जयपुर पोलो ग्राउंड एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां एक सदी से भी अधिक समय से पोलो खेला जा रहा है। उन्होंने 1922 के उस मशहूर मुकाबले का भी जिक्र किया, जिसमें जोधपुर और पटियाला की टीमों के बीच हुए मैच को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।
उन्होंने कहा कि यह मैदान सिर्फ एक खेल स्थल नहीं, बल्कि देश की विरासत का हिस्सा है और यही इंडियन पोलो एसोसिएशन का एकमात्र ग्राउंड है। जिंदल ने इसे “शहर के दिल और फेफड़े” बताते हुए सरकार से अपील की कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि इस ऐतिहासिक मैदान और पोलो जैसे पारंपरिक खेल को संरक्षित रखा जा सके।
पोलो समुदाय को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में संवेदनशील रुख अपनाएगी और इस धरोहर को बचाने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।