जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के ऐतिहासिक आमेर महल में चैत्र नवरात्र को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। 19 मार्च से शुरू होकर 28 मार्च तक चलने वाले इस पर्व के दौरान महल की व्यवस्थाओं में कई अहम बदलाव किए गए हैं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए इस अवधि में आमेर महल की मशहूर हाथी सवारी पूरी तरह बंद रहेगी। इसके साथ ही रात्रिकालीन पर्यटन पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन का ध्यान खासतौर पर शिला माता मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा पर है।
मंदिर में नवरात्र की शुरुआत गुरुवार सुबह तय मुहूर्त में होगी। सुबह 7:05 बजे स्थापना के बाद 8:15 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कर दिए जाएंगे। मान्यता है कि शिला माता कछवाहा राजवंश की कुलदेवी हैं और नवरात्र में उनके दर्शन विशेष फल देने वाले माने जाते हैं।
दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए समय भी तय किया गया है—
सुबह 6:00 से 12:30 बजे तक दर्शन होंगे, इसके बाद दोपहर 12:30 से शाम 4:00 बजे तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। शाम 4:00 बजे से रात 8:30 बजे तक फिर से दर्शन शुरू होंगे। संध्या आरती 6:45 बजे और शयन आरती रात 8:00 बजे होगी, जबकि सुबह 11:00 से 11:30 बजे के बीच राजभोग लगाया जाएगा।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पानी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।