जयपुर न्यूज डेस्क: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की साल 2024 की ताजा रिपोर्ट ने राजस्थान में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। आंकड़ों के अनुसार, महिला अपराधों के मामले में राजस्थान देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जहां अपराध की दर 12.2% दर्ज की गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत (4.3%) से लगभग तीन गुना अधिक है, जो प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक डरावनी तस्वीर पेश करता है।
दुष्कर्म के मामलों में भी राजस्थान का रिकॉर्ड बेहद चिंताजनक है, जहां साल 2024 में कुल 4,871 केस दर्ज किए गए। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इन मामलों में 4.08% की हल्की गिरावट आई है, लेकिन इसके बावजूद राज्य का नंबर वन पर बने रहना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। शहरों की बात करें तो जयपुर ने इस मामले में दिल्ली को भी पीछे छोड़ दिया है। प्रति लाख आबादी पर अपराध की दर के हिसाब से जयपुर 34.3% के साथ देश के 19 प्रमुख महानगरों में सबसे असुरक्षित शहर बनकर उभरा है।
रिपोर्ट में केवल महिलाओं ही नहीं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के खिलाफ बढ़ते अपराधों का भी जिक्र किया गया है। देश में बच्चों के खिलाफ अपराध में 5.9% की वृद्धि हुई है, जिसमें महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सबसे आगे हैं। बुजुर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, जबकि कर्नाटक में इन मामलों में ढाई गुना की बढ़ोतरी देखी गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि समाज के कमजोर वर्गों पर हमले का ग्राफ देशव्यापी स्तर पर बढ़ रहा है।
अपराध के नए आयामों की बात करें तो साइबर क्राइम ने देश में तेजी से पैर पसारे हैं। 2024 में साइबर अपराधों में 17.9% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें बेंगलुरु को ठगी का मुख्य केंद्र माना गया है। वहीं सड़क दुर्घटनाओं के मामले में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सबसे घातक शहर साबित हुई है, जहां साल भर में 1,600 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई। एनसीआरबी की यह विस्तृत रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों और सरकारों को अपनी रणनीतियों पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर करती है।