जयपुर न्यूज डेस्क: भारतीय सैन्य इतिहास के गौरवशाली अध्याय 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ आज राजस्थान की राजधानी जयपुर में भव्य स्तर पर मनाई जा रही है। 7 मई 2025 की आधी रात को शुरू हुए इस साहसी सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर जयपुर का सप्त शक्ति कमांड सामरिक गौरव और सैन्य सम्मान का केंद्र बना हुआ है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
वीवीआईपी उपस्थिति: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। उनके साथ थल सेना, वायु सेना और नौसेना के तीनों प्रमुख मौजूद रहेंगे। साथ ही, सीडीएस जनरल अनिल चौहान की भागीदारी भी इस आयोजन को विशेष बना रही है।
रणनीतिक फिल्म का प्रदर्शन: कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित फिल्म है, जिसमें वास्तविक ऑपरेशन के दौरान शूट किए गए विजुअल दिखाए जाएंगे। सेना ने इसका टीजर ठीक उसी समय (रात 1:07 बजे) रिलीज किया, जब एक साल पहले हमला शुरू हुआ था।
जयपुर का चयन: राजस्थान की सीमावर्ती रणनीतिक स्थिति और ऑपरेशन के दौरान इसकी अहम भूमिका के कारण ही वर्षगांठ के लिए जयपुर को चुना गया है। इससे पहले जनवरी 2026 में आर्मी डे परेड का आयोजन भी यहीं हुआ था।
ऑपरेशन सिंदूर: एक नजर में
7 मई 2025 की रात को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके के भीतर लगभग 100 किलोमीटर तक घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
'ऑपरेशन सिंदूर' भारतीय सैन्य इतिहास का एक अत्यंत साहसी और रणनीतिक अध्याय है, जिसे 6 और 7 मई 2025 की मध्यरात्रि को अंजाम दिया गया था। इस मिशन की शुरुआत रात ठीक 1:05 बजे हुई थी, जिसने अपनी गति और सटीकता से पूरी दुनिया को चौंका दिया। महज 25 मिनट के भीतर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके के 7 अलग-अलग शहरों में स्थित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। इस सफल कार्रवाई के तुरंत बाद, रात 1:51 बजे भारतीय सेना ने एक ऐतिहासिक संदेश जारी किया था, जिसमें केवल दो शब्द लिखे थे— "इंसाफ हो गया"। यह ऑपरेशन आज भी भारत की जवाबी शक्ति और अदम्य साहस के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
आज दोपहर 12 बजे तीनों सेनाओं के प्रमुख मीडिया से रूबरू होंगे और शाम 5 बजे मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि उन वीरों के प्रति सम्मान भी है जिन्होंने इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।