जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में अब मीट की दुकानों को लेकर कड़ा नियम लागू होने वाला है। शहर में अवैध मीट शॉप्स को बंद किया जाएगा, जबकि जिन दुकानों पर कमर्शियल पट्टा है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने बाहर स्पष्ट बोर्ड लगाना होगा कि वहां ‘झटका मीट’ मिलेगा या ‘हलाल मीट’। यह फैसला जयपुर महापौर सौम्या गुर्जर ने लिया है। उन्होंने बताया कि अब केवल उन्हीं दुकानों को मीट बिक्री का लाइसेंस मिलेगा जो कमर्शियल पट्टे पर हों और अपने ग्राहकों को मीट की प्रकार की जानकारी साफ-साफ प्रदान करें।
महापौर ने कहा कि शहर के रिहायशी इलाकों में अनियंत्रित रूप से खुल रही मीट की दुकानों से लोगों को असुविधा होती है। गंदगी और बदबू फैलती है, वहीं झटका और हलाल मीट की स्पष्ट जानकारी न होने से जन भावनाएं भी आहत होती हैं। लोगों की मांग है कि कोई धार्मिक भावना आहत न हो, इसलिए दुकानों पर मीट का प्रकार लिखा होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में कुछ दुकानों पर यह जानकारी अंकित की गई थी, लेकिन अभी भी कई दुकानों पर बोर्ड नहीं लगा है।
सौम्या गुर्जर ने यह भी कहा कि स्कूल और मंदिरों के पास इस तरह की दुकानें नहीं हो सकतीं। इसके लिए राज्य सरकार को सुझाव दिया गया है कि मीट की दुकानों को स्कूल और मंदिर से कम से कम 100 मीटर दूर रखा जाए। महापौर ने बताया कि निगम प्रशासन ने करीब एक साल पहले भी इसी तरह का निर्णय लिया था, लेकिन पूरी तरह लागू नहीं हो सका।
अब निगम प्रशासन ने इस मामले में सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं। शहरवासियों की सुविधा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए मीट दुकानों के लाइसेंस और बोर्डिंग नियमों का पालन अनिवार्य होगा।