जयपुर, 2 अप्रैल 2025। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आमजन को किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-बीजेपी योजना का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएम-बीजेपी) के माध्यम से देशभर में 15 हजार से अधिक जन औषधि केंद्र के रूप में मेडिकल आउटलेट खोले गए है। इन आउटलेट पर उपभोक्ताओं को लगभग 50 से 80 प्रतिशत सस्ती ब्रांडेड दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सदन में यह जानकारी दी।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक विगत 10 वर्षाें में जन औषधि केंद्रों से अधिकतम खुदरा मूल्य के आधार पर करीबन 6975 करोड़ रूपए की दवाओं की बिक्री की गई। इसके परिणाम स्वरूप ब्रांडेड दवाओं के मूल्यों की तुलना में आमजन को लगभग 30 हजार करोड़ रूपए की अनुमानित बचत हुई। औसतन इन जन औषधि केंद्रों पर प्रतिदिन 10 से 12 लाख लोग आते है और किफायती मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ उठा रहे है। इन जन औषधि केंद्रों पर करीबन 2047 प्रकार की दवाइयां और 300 सर्जिकल उपकरण एवं चिकित्सा उपभोग्य वस्तुएं शामिल है। इनमें ह्दयवाहिका, एंटी कैंसर, एंटी डायबिटिक, एंटी इंफेक्टिव, एंटी एलर्जिक और गैस्ट्रो इन्टेस्टनल संबंधी दवाइयां तथा न्यूट्रास्युटिकल्स जैसे सभी चिकित्सीय समूह शामिल है।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत राजस्थान के 41 जिलों में 486 जन औषधि केंद्र संचालित है। इसमें सर्वोधिक जयपुर में 141, जोधपुर में 26, झुंझुनूं में 25, अलवर में 23, सीकर 20 नागौर में 21 केंद्र संचालित है। भाजपा सरकार की मंशा आमजन को किफायती दरों पर दवा उपलब्ध कराने के साथ युवा, महिला, दिव्यांगजन, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्गों के लोगों को इस योजना के माध्यम से रोजगार के क्षेत्र में विशेष सहायता देना है। जन औषधि केंद्र के मालिक को मासिक खरीद पर 20 प्रतिशत की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जबकि चयनित इन वर्गों के लोगों को 2 लाख रूपए का एक मुश्त प्रोत्साहन तक प्रदान किया जाता है। ऐसे में पीएमबीजेपी योजना आमजन के लिए कारगर साबित हो रही है।