जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर सेंट्रल जेल की कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को एक दुखद और सनसनीखेज घटना घटी। जेल के टॉवर नंबर 2 पर तैनात राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) के 38 वर्षीय जवान गिरधारी लाल गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। गोली जवान की अपनी ही सर्विस राइफल से चली, जो उनके सीने को चीरती हुई पार निकल गई। इस घटना के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जमवारामगढ़ निवासी गिरधारी लाल गुर्जर आरएसी की 10वीं बटालियन में तैनात थे और रविवार सुबह 9 बजे से अपनी ड्यूटी पर थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक टॉवर से गोली चलने की आवाज आई, जिसके बाद साथी सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें लहूलुहान हालत में पाया। उन्हें तत्काल सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए लालकोठी थाना पुलिस के साथ एफएसएल (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।
वर्तमान में पुलिस इस मामले की जांच दो प्रमुख बिंदुओं पर कर रही है। पहली संभावना आत्महत्या की जताई जा रही है, हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। दूसरा पहलू 'एक्सीडेंटल फायर' का है, जिसमें यह संदेह है कि ड्यूटी के दौरान राइफल संभालते समय असावधानीवश ट्रिगर दब गया होगा। बैलिस्टिक विशेषज्ञों की मदद से अब राइफल की जांच की जा रही है ताकि गोली चलने की सटीक दिशा और कारण का पता लगाया जा सके।
9 वर्षों से पुलिस सेवा में कार्यरत गिरधारी लाल के निधन से उनके साथी स्तब्ध हैं। उनके सहयोगियों ने उन्हें एक बेहद हंसमुख और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में याद किया। वे अपने पीछे पत्नी, 17 वर्षीय पुत्र और 15 वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं। फिलहाल, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और पुलिस विभाग जवान के कॉल रिकॉर्ड्स और पारिवारिक स्थिति की पड़ताल कर रहा है ताकि मौत की गुत्थी सुलझाई जा सके।