जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आतंकी जांच के केंद्र में है। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खतरनाक सदस्य उमर हारिस, जिसे 'खरगोश' के नाम से भी जाना जाता है, के जयपुर से गहरे तार जुड़ने का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस आतंकी ने जयपुर में शादी कर न केवल अपनी पहचान छिपाई, बल्कि फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे देश से भागने में भी सफल रहा।
शादी और फर्जी दस्तावेजों का खेल:
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उमर हारिस 2012 के आसपास जम्मू-कश्मीर के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। अपनी फुर्ती के कारण 'खरगोश' कोडनेम पाने वाले इस आतंकी ने जयपुर की एक युवती से निकाह किया। इस शादी का इस्तेमाल उसने स्थानीय पहचान हासिल करने के लिए किया। इसी आधार पर उसने आधार, पैन और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाए और अंततः 'सज्जाद' के नाम से फर्जी पासपोर्ट हासिल कर लिया।
अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भंडाफोड़:
यह सनसनीखेज मामला तब उजागर हुआ जब श्रीनगर पुलिस ने लश्कर के एक बड़े मॉड्यूल को ध्वस्त करते हुए पांच संदिग्धों को दबोचा। पूछताछ में पता चला कि यह नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक फैला हुआ है। यह गिरोह आतंकियों को फर्जी भारतीय पहचान दिलाने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने का काम कर रहा था। इसी नेटवर्क की मदद से उमर हारिस 2024 में भारत से फरार होकर पहले इंडोनेशिया पहुंचा और वर्तमान में उसके सऊदी अरब में होने की आशंका है।
जांच के घेरे में स्थानीय परिवार:
आतंकी के जयपुर कनेक्शन ने सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेज सत्यापन (Verification) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एजेंसियों को संदेह है कि जिस परिवार में उमर ने शादी की, उन्हें उसकी असलियत का पता था। इसी आधार पर युवती के पिता को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को पूरी फाइल सौंपे जाने की तैयारी है।
आतंकी का फरार होने का घटनाक्रम:
घुसपैठ: 2012 में पाकिस्तान से कश्मीर में दाखिल हुआ।
पहचान: जयपुर में शादी कर स्थानीय कागजात तैयार किए।
पलायन: 2024 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से बाहर भागा।
रूट: भारत से इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देशों की ओर प्रस्थान।
नेटवर्क: राजस्थान से लेकर कश्मीर तक फैला लश्कर का मॉड्यूल।