जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में शनिवार को 'सफाई सेवा मैराथन' के तहत स्वच्छता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा के नेतृत्व में चलाए गए इस व्यापक अभियान ने शहर की सूरत बदल दी। इस मैराथन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम चार बजे तक ही शहर के विभिन्न ट्रांसफर स्टेशनों पर करीब 3000 टन कचरा एकत्रित किया गया, जो सामान्य दिनों के मुकाबले एक रिकॉर्ड है।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि उन तंग गलियों और उपेक्षित क्षेत्रों तक पहुंचना रही, जहां अक्सर नियमित सफाई की गाड़ियाँ नहीं पहुंच पाती थीं। बंबाला ट्रांसफर स्टेशन कचरा संग्रहण के मामले में सबसे आगे रहा, जहाँ अकेले 625 टन कचरा पहुंचा। इस महाभियान के जरिए जयपुर के उन कोनों को भी चमकाया गया जो लंबे समय से स्वच्छता की बाट जोह रहे थे।
हवामहल जोन स्थित जलमहल की पाल पर दृश्य और भी प्रेरणादायक था, जहाँ नगर निगम की टीम के साथ भारतीय वायुसेना के 30 जवान और राजस्थान पुलिस के 30 जवान सफाई के लिए मैदान में उतरे। जलमहल के आसपास और पानी के भीतर जमा कचरे को निकालकर स्वच्छता रथों और ट्रैक्टरों के जरिए रवाना किया गया। वर्दीधारी जवानों और निगम कर्मियों के इस तालमेल ने स्वच्छता के प्रति एक मजबूत संदेश दिया।
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने इस दौरान आमजन से भी संवाद किया और अपील की कि वे कचरा खुले में न फेंककर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय दें। अभियान के बीच आयुक्त और जिला कलेक्टर संदेश नायक ने श्री अन्नपूर्णा रसोई में भोजन कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। देर शाम तक चले इस अभियान ने पिंक सिटी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में एक नई ऊर्जा का संचार किया है।