जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बंद मकानों में चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। 23 मार्च को हुई एक बड़ी नकबजनी की वारदात का खुलासा करते हुए राजस्थान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में न केवल अपराधी पकड़े गए, बल्कि चोरी किया गया शत-प्रतिशत माल भी बरामद कर लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पिन्टू जाटव, विशाल बैरवा और राहुल कुमार पेशेवर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। ये आरोपी दिन के समय पॉश कॉलोनियों में घूमकर ऐसे मकानों की रेकी करते थे जो बाहर से बंद नजर आते थे। मौका पाकर रात के अंधेरे में ये ताले तोड़कर भीतर घुसते और कीमती सामान पार कर देते थे। गिरोह का मुख्य मकसद अपनी मौज-मस्ती और विलासितापूर्ण जीवन की जरूरतों को पूरा करना था।
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि पकड़े गए आरोपियों में से एक जेल से रिहा होने के महज 10 दिन बाद ही दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। आरोपियों ने चोरी के जेवरों को ठिकाने लगाने का शातिर तरीका अपनाया और उन्हें मुथुट फाइनेंस में गिरवी रखकर 1 लाख 7 हजार रुपये का लोन भी उठा लिया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस उन तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने और चांदी के आभूषणों का भारी जखीरा बरामद किया है, जिसमें मांगटीका, झुमके, पायजेब, बिछिया और धार्मिक मूर्तियां शामिल हैं। थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अन्य वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की जांच कर रही है ताकि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।