जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में एक फायर वुमन ने चीफ फायर ऑफिसर (CFO) और उसके भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई है। पीड़िता का कहना है कि CFO लगातार वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए उसे अश्लील बातें भेजकर परेशान करता था। उसने कई बार छेड़छाड़ की कोशिश की और जब विरोध किया तो प्रोबेशन पीरियड में होने का फायदा उठाकर जॉब से निकालने की धमकी दी। पीड़िता ने यह भी बताया कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए उसका ट्रांसफर भी करवा दिया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बनीपार्क थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी (सदर) धर्मवीर सिंह ने बताया कि 25 वर्षीय फायर वुमन ने शिकायत दी थी, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पीड़िता ने बताया कि 2019 में उसने टेम्परेरी फायर वुमन के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसी समय से CFO देवेंद्र मीणा उसे परेशान करने लगा। वह बार-बार वॉट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजता और फोन पर आपत्तिजनक बातें करता। 2021 में उसने फायर वुमन की परीक्षा पास की और 2023 में परमानेंट जॉब मिली, लेकिन इस दौरान भी परेशान करने का सिलसिला जारी रहा।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह 2022 में फिजिकल टेस्ट देने गई थी, तब आरोपी ने उसे घर छोड़ने के बहाने अहिंसा सर्किल स्थित एक होटल में ले गया। वहां उसने जबरदस्ती करने की कोशिश की, लेकिन किसी तरह पीड़िता उसके चंगुल से बचकर भाग निकली। इसके बाद CFO ने उसे धमकियां देना शुरू कर दिया और जॉब से निकलवाने की धमकी देने लगा।
अक्टूबर 2023 में CFO ने उसे ऑफिस में बुलाकर छेड़छाड़ की कोशिश की। जब उसने विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी ने प्रोबेशन खत्म करवाने और जॉब से निकालने की धमकी दी। जब पीड़िता ने झुकने से इनकार कर दिया, तो उसका ट्रांसफर करवा दिया गया। इसी दौरान CFO का भाई विकास मीणा भी उसे प्रताड़ित करने लगा।
पीड़िता का कहना है कि विकास मीणा ने वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए उसे गालियां दीं और धमकाया कि उसका भाई पहले उसका भाई है, फिर अधिकारी। परेशान होकर उसने दोनों भाइयों के नंबर ब्लॉक कर दिए, लेकिन वे अनजान नंबरों से कॉल कर उसे धमकाते रहे।
फरवरी 2025 में विकास ने उसके सहकर्मी के मोबाइल पर कॉल कर अश्लील बातें कही। जॉब के दौरान प्रोबेशन पीरियड में होने के कारण वह अभी तक सब कुछ सहन कर रही थी, लेकिन जब मामला हद से ज्यादा बढ़ गया, तो उसने नगर निगम आयुक्त को विभागीय कार्रवाई के लिए शिकायत दी और पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।