जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। महीने के पहले ही सप्ताह में तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को परेशान कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई इलाकों में गर्मी सामान्य से काफी अधिक दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय अरब सागर के ऊपर बने एंटी-साइक्लोन की वजह से मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। गुजरात और आसपास के समुद्री क्षेत्र में बने इस तंत्र के कारण हवाओं की दिशा बदल गई है। इसके चलते शुष्क और गर्म हवाएं मैदानी इलाकों की ओर आ रही हैं, जिससे वातावरण में नमी कम हो गई है और साफ आसमान के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती को गर्म कर रही हैं।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई शहरों में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। सीमावर्ती जिला बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म इलाका बनकर सामने आया है, जहां अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे शहरों में भी पारा 37 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर के समय लोगों को लू जैसी गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। 8 से 10 मार्च के बीच दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में पड़ रही यह तेज गर्मी रबी की फसलों, खासकर गेहूं के लिए नुकसानदायक हो सकती है। वहीं आम लोगों के लिए भी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।