जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ते ट्रैफिक और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह नया कॉरिडोर प्रह्लादपुरा से टोड़ी मोड़ तक बनाया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई करीब 41 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के तहत 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें अधिकांश एलिवेटेड होंगे जबकि कुछ प्रमुख स्टेशन भूमिगत बनाए जाएंगे।
जयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाला बड़ा नेटवर्क होगा। यह कॉरिडोर एयरपोर्ट, रिहायशी इलाकों, व्यापारिक केंद्रों और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। परियोजना को मौजूदा मेट्रो फेज-1 से इंटरचेंज स्टेशनों के जरिए जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को पूरे शहर में आसान और तेज सफर की सुविधा मिलेगी। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
करीब 13,038 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड लागू करेगा, जो केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है। सरकार का मानना है कि मेट्रो विस्तार से ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और शहर में टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही यह परियोजना कार्बन उत्सर्जन घटाने और पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित होगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 का असर रियल एस्टेट सेक्टर पर भी बड़े स्तर पर देखने को मिल सकता है। सीतापुरा, जगतपुरा और विद्याधर नगर जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों और किराये की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेट्रो कनेक्टिविटी से नए निवेश क्षेत्र विकसित होंगे और शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत होगा।